डाॅक्टर हसन रूहानी ने बुधवार को मंत्रीमंडल की बैठक में कहा कि अमरीका प्रतिबंध और तेल की बिक्री व बैंकिंग व इंशोरेंस गतिविधियों में रुकावट समेत ईरान पर अधिकतम आर्थिक दबाव डाल कर उसे चोट पहुंचाना चाहता था लेकिन उसे कुछ भी हासिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस समय ईरान की आर्थिक स्थिति व स्थिरता पिछले साल की तुलना में कहीं बेहतर है और देश के रिज़र्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय मुद्रा के मूल्य में पिछले साल की तुलना में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राष्ट्रपति ने इसी तरह संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के अधिवेशन में भाग लेने के लिए अपनी न्यूयाॅर्क यात्रा के बारे में कहा कि अगर जनता का प्रतिरोध, आर्थिक मानकों में स्थिरता और सेना की शक्ति न होती तो राष्ट्र संघ में ईरान के राष्ट्रपति के कमरे के बाहर लाइन न लगी होती।
राष्ट्रपति डाॅक्टर हसन रूहानी ने कहा कि ईरान विरोधी लाॅबी ने एक साज़िश तैयार कर रखी थी कि संसार के लोगों को यह बताया जाए कि ईरान फ़ार्स की खाड़ी के संवेदशनील क्षेत्र में तनाव पैदा कर रहा है लेकिन ईरान की कूटनीति से यह चाल विफल हो गई। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया के क्षेत्र में समस्याएं उन लोगों ने पैदा की हैं जो पांच साल से यमन के अत्याचारग्रस्त लोगों पर बम बरसा रहे हैं। डाॅक्टर हसन रूहानी ने कहा कि ईरान ने इस अवधि में वैश्विक आतंकवाद के मुक़ाबले में यमन के प्रतिरोधकर्ताओं का साथ दिया और कोई भी इस सच्चाई का इन्कार नहीं कर सकता। राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान, क्षेत्रीय शक्ति है और कोई भी उसे इस क्षेत्र में उसे अलग-थलग नहीं कर सकता।